लेख - मैं पैसा हु

 

मैं पैसा हु,
एक निर्जीव चीज,
आप मेरी तरफ देखो तो मैं आपकी तरफ देखता भी नहीं, फिर भी आपके पास हु तो सब आपको द्वखते है

आप मुझसे बात करो तो मैं बात भी नहीं करता, मगर मैं आपके पास हु तो सब आपके साथ बात करते है

मैं आपके पास हु तो आपका हु,आपके पास नहीं हु तो आपका नहीं हु,मगर मैं आपके पास हु तो सब आपके है

मैं कुछ भी नहीं मगर मैं निर्धारित करता हु की लोग आपको कितनी इजजत देते है,

मैं भगवान् नहीं,मगर लोग मुझे भगवान् से कम नहीं मानते,

मैं बोलता नहीं मगर सबकी बोलती बंद करवा सकता हु

मुझे आप मरने के बाद ऊपर नहीं  ले जा सकते मगर जीते जी मैं आपको बहुत ऊपर ले जा सकता हु,

मुझ में बहुत ताकत है मगर फिर भी बहुत सीमितताये  भी है,
कभी आप सोच कर देखिये क्या आप सचइ मुझसे प्यार करते है...नहीं कोई मुझसे प्यार नहीं करता वो सर्फ मुझे इस लिए पसनद करता है क्योकि मैं एक साधन हु उनकी खुशियो के लिए ,

मै सिर्फ जरुरत के समय पैसा हु फिर बस एक कागज़ का टुकड़ा हु,

सिर्फ मुझे पाकर कोई खुश रहता तो बिल गेट्स दुनिया का सबसे खुस इंसान होता,

मैं नमक की तरह हु तो जरुरी है मगर ज्यादा हो तो जिंदगी का स्वाद बिगाड़ देता है,

मैं सारे फसाद की जड़ हु,मगर फिर भी न जाने क्यों सब मेरे पीछे इतना पागल है,

इतिहास में कई ऐसे उदाहरण मिल जाएंगे जिसमे पास मैं बेसुमार था..
मगर फिर भी वो मरे..और रोने वाला कोई नहीं था..

मुझे पसनद करो सिर्फ इस हद तक की लोग आपको नापसन्द न करने लगे...

मैं पैसा हु...