लेख -सामाजिक संस्था में सफलता के नियम

किसी भी सामाजिक संस्था के कुछ ख़ास बाते जो आपको बहुत काम काम आएगी

1.आप कुछ नहीं करंगे तो आप को कोई कुछ नहीं कहेगा

2.आप अगर सक्रीय है तो हमेशा आप पर उंगलिया उठेगी

3.अगर आप ये नहीं सोचेंगे की श्रेय किसको मिलेगा तो आप बहुत कुछ कर सकते है

4.आपके जितना विरोध सह सकेंगे आपका उतना ज्यादा  सम्मान होगा

5.आप जितना ज्यादा काम करेंगे  उतना ज्यादा और काम करना पड़ेगा

6.जिम्मेदारी उसी की तरफ खींची आती ही जो उन्हें उठाना चाहता है

7.आप अपने स्वच्छा से जो भी प्रोजेक्ट करेंगे उसकी सफलता का श्रेय संस्था को मिलेगा और असफलता की जवाबदेही आपकी होगी

8.जो आपका सबसे अच्छा  हितैसी है वो आपके मुह पर आपकी आलोचना करेगा

9.आप को प्रशंशा जब मिलेगी जब आप उसकी अपेक्षा करना बंद कर देंगे

10.आप लोकप्रिय तब होंगे जब अपने साथियो के कार्य को सराहेंगे और उनका उत्साह बढ़ाएंगे

11.आप कब सही थे कोई याद नहीं रखेगा,आप कब गलत थे कोई नहीं भूलेगा

12.आप जितना नियम मान कर चलेंगे आप पर उतना ज्यादा नियम मानने का दबाव बनाया जाएगा

13.सिर्फ धन देकर आप किसी संस्था में बहुत ज्यादा सम्मान नहीं पा सकते उसके लिए समय और समर्पण भी आवश्यक है

14. किसी बात का विरोध भी क़िया जाए और किसी को ख़राब भी न लगे ये संभव नहीं है..

15.अगर आप समझते है की आप के द्वारा किया गया काम और बेहतर हो सकता था तो आप दोषी है अपना शतप्रतिशत योगदान न देने के..

१६. मेहनत इतनी ख़ामोशी से करो की सफलता शोर मचा दे,

१७.कभी कभी जितने के लिए हारना भी सीखिए,

१८.अगर आप रस्ते पे भौकने वाले हर कुत्ते को पत्थर मारेंगे तो आप अपनी मंजिल पर कभी नहीं पहुच सकेंगे

१९.अहम् और वहम से संस्था कमजोर होती है,इन्हें समय समय पर दूर करते रहे

सबसे ख़ास बात सामाजिक कार्यो का उद्देश्य मन की संतुष्टि होता है
और इस के लिए बहुत कुछ सहना होता है और आत्मसंतुष्टि से बढ़कर कुछ नहीं है..

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